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चंदा रे चंदा रे चंदा रे चंदा रे
चोर बजारी दो नैनो की पहले थी आदत जो हट गई(चंदा रे चंदा रे )
प्यार की जो तेरी मेरी उम्र आई थी वो कट गई(चंदा रे चंदा रे )
तू भी तू है मैं भी मैं हूं दुनिया सारी देख उलट गई
तू ना जाने मैं ना जानूं कैसे सारी बात पलट गई
घटनी ही थी ये भी घटना घटते घटते लो ये घट गई(चंदा रे चंदा रे )
हां चोर बजारी दो नैनों की पहली थी आदत जो हट गई
झूमरिया झूमरिया मनवा बन बागी सा
झूमरिया झूमरिया तनवा बेदागी
मन मेरा धड़ धड़ धड़ धड़काये
कोई ना फिर सर सर चढ़ जाए
कसम से बाज़ी हाथ न अपने आये
नैन अगर लड़ जायें
तारीफ तेरी करना हां तुझे खोने से डरना
हां भूल गया अब तुझ पे दिन में चार दफा मरना
तारीफ तेरी करना हां तुझे खोने से डरना
हां भूल गया अब तुझ पे दिन में चार दफ़ा मरना
प्यार खुमारी उतरी सारी बातों की बदली भी छट गई
हमसे नाते यहां से मुझको तो मैं ही डट हो गई
एक हुए थे दो से दोनों दोनों की अब राहें बंट गई(चंदा रे चंदा रे )
हां चोर बजारी दो नैनों की पहली थी आदत जो हट गई
बड़े ही नैन लड़ाके से लड़े थे रोज़ बाज़ारों में
किसी को ढूंढ ही लेते थे सड़क पे रोज़ हज़ारों में
बहस नहीं कम कम कम करते
ना अब ये ग़म ग़म ग़म करते
बदल गए धीरे-धीरे दो नैना
मेरा क्या क्या क्या कहना
हां चोर बजारी दो नैनों की पहली थी आदत जो हट गई
एक घुट में दुनियादारी की सारी समझ निगल गई
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